UCLA के वैज्ञानिकों ने विकसित किया SPLITTER रोबोट, ग्रहों की खोज में होगा क्रांतिकारी बदलाव | Details Inside

वैज्ञानिकों ने ग्रहों की खोज के लिए एक अनूठी तकनीक विकसित की है, जो पारंपरिक रोवर्स और ड्रोन से कहीं अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेलेस (UCLA) के रोबोटिक्स और मैकेनिज्म लैब (RoMeLa) के शोधकर्ताओं ने एक नया “SPLITTER” (Space and Planetary Limbed Intelligent Tether Technology Exploration Robot) विकसित किया है।

यह एक टेदर्ड (तार-संलग्न) जंपिंग रोबोट है, जो कम गुरुत्वाकर्षण वाले वातावरण में भी आसानी से गतिशील रह सकता है।

SPLITTER को IEEE Aerospace Conference (AeroConf) 2025 में पेश किया जाएगा। यह प्रणाली चंद्रमा और क्षुद्रग्रहों जैसे वातावरण में कार्य करने के लिए डिजाइन की गई है, जहां पारंपरिक रोवर्स की गति धीमी होती है और ड्रोन प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकते हैं।

SPLITTER की संरचना और विशेषताएँ

SPLITTER दो Hemi-SPLITTER रोबोट्स से मिलकर बना है, जो एक डंबल जैसी संरचना बनाते हुए टेदर (तार) से जुड़े रहते हैं।

  • यह सिस्टम मध्य-हवा में स्थिरता बनाए रखने के लिए किसी अतिरिक्त नियंत्रण तंत्र (जैसे गैस थ्रस्टर्स या रिएक्शन व्हील्स) की आवश्यकता नहीं रखता।
  • रोबोट अपनी जड़ता (इनर्शिया) को नियंत्रित करने के लिए लिंब पोजीशन (अंगों की स्थिति) और टेदर की लंबाई को समायोजित करता है।
  • यह पारंपरिक रोवर्स की तुलना में तेज गति से आगे बढ़ सकता है और अधिक क्षेत्र कवर कर सकता है।

इस तकनीक को विकसित करने के पीछे मुख्य कारण पारंपरिक ग्रह रोवर्स की सीमाएँ थीं, जो धीमे और भारी होते हैं, और ड्रोन का उपयोग करना असंभव होता है क्योंकि चंद्रमा और क्षुद्रग्रहों पर वायुमंडल नहीं होता।

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SPLITTER के गतिशीलता तंत्र का रहस्य

SPLITTER इनर्शियल मॉर्फिंग (जड़त्वीय रूपांतरण) मैकेनिज्म पर आधारित है, जिसे एक मॉडल प्रेडिक्टिव कंट्रोलर (MPC) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

  • यह प्रक्रिया “टेनिस रैकेट थियोरम” (जिसे Dzhanibekov प्रभाव भी कहा जाता है) पर आधारित है, जो बताता है कि असंतुलित जड़ता वाले ऑब्जेक्ट अचानक घूर्णी पलटाव (रोटेशनल फ्लिप) का अनुभव करते हैं।
  • इस तकनीक के माध्यम से रोबोट मध्य-हवा में स्थिरता बनाए रख सकता है और प्रभावी रूप से अपनी गति नियंत्रित कर सकता है।
  • SPLITTER का यह तंत्र ग्रहों की खोज के लिए बाहरी बलों (जैसे थ्रस्टर) पर निर्भरता कम करता है और मिशनों की लागत को भी कम कर सकता है।

यूसुके तनाका (Yusuke Tanaka), जो इस अध्ययन के प्रमुख लेखक हैं, ने Tech Xplore को बताया कि यह प्रणाली रोबोट की मध्य-हवा की उड़ान को आक्रामक रूप से स्थिर कर सकती है।

भविष्य में SPLITTER के संभावित उपयोग और शोध

शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि SPLITTER को स्वार्म रोबोट (एक समूह में कार्य करने वाले कई रोबोट) के रूप में ग्रहों की खोज में उपयोग किया जा सकता है।

  • टेदर प्रणाली के माध्यम से, एक रोबोट गड्ढों (क्रेटर्स) और गुफाओं की खोज कर सकता है, जबकि दूसरा उसे एंकर (स्थिर) कर सकता है।
  • यह तकनीक भविष्य में चंद्रमा, मंगल और क्षुद्रग्रह मिशनों के लिए अत्यधिक उपयोगी साबित हो सकती है।
  • डेनिस हॉन्ग (Dennis Hong), जो इस परियोजना के प्रमुख शोधकर्ता हैं, ने कहा कि भविष्य के शोधों में नए एक्ट्यूएटर्स और सेंसिंग मैकेनिज्म को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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आने वाले समय में SPLITTER के इनर्शियल मॉर्फिंग सिस्टम को उच्च-स्तरीय सिमुलेशन और प्रयोगों के माध्यम से परखा जाएगा, जिससे इसे वास्तविक अंतरिक्ष मिशनों के लिए और अधिक उपयुक्त बनाया जा सके।

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