‘डंकी’ शब्द सुनते ही हमारे मन में अवैध तरीके से अमेरिका या कनाडा जाने की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सिर्फ एक तरीका नहीं, बल्कि एक मानसिकता है? एक ऐसी मानसिक व्याधि जो समाज के एक बड़े वर्ग को अपनी चपेट में ले चुकी है। यह मानसिकता न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
‘डंकी’ मानसिकता क्या है?
‘डंकी’ मानसिकता एक ऐसी सोच है जो त्वरित सफलता और धन कमाने के लिए अवैध तरीकों को अपनाने को प्रोत्साहित करती है। यह मानसिकता व्यक्ति को यह विश्वास दिलाती है कि अमेरिका या कनाडा जाने से ही उसकी सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। लेकिन यह सच्चाई से कोसों दूर है।
एक उदाहरण: Deport By USA
पंजाब में हाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए एक व्यक्ति ने ऑटो खरीदा। यह अच्छी बात है कि वह मेहनत करके अपना जीवन यापन करना चाहता है। लेकिन उसने ऑटो पर अमेरिका और कनाडा के झंडे लगाए और “Deport By USA” लिखवाया। यह सोचने वाली बात है कि क्या डिपोर्ट होना कोई उपलब्धि है?
क्यों है यह मानसिकता खतरनाक?
- जोखिम भरा रास्ता: डंकी लगाने वाले लोग जानलेवा रास्तों से गुजरते हैं। जंगल, पहाड़, माफिया और जानवरों से बचते हुए वे अमेरिकी सीमा तक पहुंचते हैं।
- निम्न स्तर के काम: अगर वे पकड़े नहीं जाते, तो भी उन्हें निम्न स्तर के काम करने पड़ते हैं, जैसे सफाई, लेबर, या पेट्रोल पंप पर काम।
- कानूनी खतरा: उन पर हमेशा कानूनी तलवार लटकी रहती है। कभी भी गिरफ्तारी, डिपोर्टेशन या जेल की सजा हो सकती है।
- आर्थिक नुकसान: डंकी लगाने में 50-60 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं, जो भारत में ही किसी अच्छे धंधे में लगाए जा सकते हैं।
क्या है समाधान?
- मेहनत और पढ़ाई: अगर विदेश जाना ही है, तो मेहनत करके वैध तरीके से जाएं। पढ़ाई करके स्टूडेंट वीजा लें और वहां नौकरी करें।
- भारत में अवसर: भारत में भी कई अवसर हैं। 50-60 लाख रुपये में एक अच्छा व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
- सामाजिक जागरूकता: समाज को इस मानसिकता के खतरों के बारे में जागरूक करना होगा।
‘डंकी’ मानसिकता एक खतरनाक भ्रम है जो व्यक्ति को त्वरित सफलता का सपना दिखाती है। लेकिन यह सपना अक्सर बेइज्जती, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव में बदल जाता है। हमें इस मानसिकता को समझना होगा और इसके खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी।
वैसे Deport by USA नहीं होता…..Deported By USA होता है.
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Rahul Ram Dwivedi (RRD) is a senior journalist in 2YoDoINDIA.
NOTE : Views expressed are personal.



