दिल्ली के विकास में विभिन्न मुख्यमंत्रियों की अहम भूमिका रही है। 1952 में चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव पहले मुख्यमंत्री बने। इसके बाद गुरमुख निहाल सिंह, मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा, सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने राजधानी को नई दिशा दी।
2025 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (AAP) को हराकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की। भाजपा नेता प्रवेश वर्मा, जो पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं, 13 फरवरी 2025 को दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री (1950-2025) और उनका कार्यकाल
| नाम | कार्यकाल की शुरुआत | कार्यकाल की समाप्ति | पार्टी |
|---|---|---|---|
| चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव | 17 मार्च 1952 | 12 फरवरी 1955 | कांग्रेस |
| गुरमुख निहाल सिंह | 12 फरवरी 1955 | 1 नवंबर 1956 | कांग्रेस |
| मदन लाल खुराना | 2 दिसंबर 1993 | 26 फरवरी 1996 | भाजपा |
| साहिब सिंह वर्मा | 26 फरवरी 1996 | 12 अक्टूबर 1998 | भाजपा |
| सुषमा स्वराज | 12 अक्टूबर 1998 | 3 दिसंबर 1998 | भाजपा |
| शीला दीक्षित | 3 दिसंबर 1998 | 1 दिसंबर 2003 | कांग्रेस |
| शीला दीक्षित | 1 दिसंबर 2003 | 29 अक्टूबर 2008 | कांग्रेस |
| शीला दीक्षित | 29 अक्टूबर 2008 | 28 दिसंबर 2013 | कांग्रेस |
| अरविंद केजरीवाल | 28 दिसंबर 2013 | 14 फरवरी 2014 | आम आदमी पार्टी (AAP) |
| राष्ट्रपति शासन | 14 फरवरी 2014 | 14 फरवरी 2015 | – |
| अरविंद केजरीवाल | 14 फरवरी 2015 | 15 फरवरी 2020 | आम आदमी पार्टी (AAP) |
| अरविंद केजरीवाल | 16 फरवरी 2020 | 15 सितंबर 2024 | आम आदमी पार्टी (AAP) |
| आतिशी मार्लेना | 21 सितंबर 2024 | फरवरी 2025 | आम आदमी पार्टी (AAP) |
| निर्धारित नहीं | 13 फरवरी 2025 | जारी रहेगा | भाजपा |
दिल्ली के मुख्यमंत्रियों का योगदान (1950-2025)
1. चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव (1952-1955)
दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री के रूप में, उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास और विभाजन के बाद शरणार्थियों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया।
2. गुरमुख निहाल सिंह (1955-1956)
उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और प्रशासनिक सुधारों पर काम किया।
3. मदन लाल खुराना (1993-1996)
दिल्ली को राज्य का दर्जा मिलने के बाद, उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, फ्लाईओवर और सड़कों के निर्माण पर ध्यान दिया।
4. साहिब सिंह वर्मा (1996-1998)
उन्होंने सड़क निर्माण और शिक्षा सुधारों की शुरुआत की।
5. सुषमा स्वराज (1998)
कम समय के लिए मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन महिला सुरक्षा और शिक्षा सुधारों को प्राथमिकता दी।
6. शीला दीक्षित (1998-2013)
दिल्ली की सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं। उनके कार्यकाल में दिल्ली मेट्रो, फ्लाईओवर, सड़क सुधार, पानी और बिजली की आपूर्ति में सुधार हुआ।
7. अरविंद केजरीवाल (2013-2014, 2015-2024)
उन्होंने बिजली, पानी और शिक्षा सुधारों पर ध्यान दिया। फ्री बस यात्रा, मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी स्कूलों के उन्नयन की पहल की, लेकिन शराब घोटाले में फंसने के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा।
8. आतिशी मार्लेना (2024-2025)
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पद संभाला। उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता, महिला सुरक्षा और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया।



