Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निवेश करने का निर्णय लिया है। यह पहल खासतौर पर उन पेशेवरों, नियामकों और कानून निर्माताओं पर केंद्रित है, जो भविष्य में AI के विकास और उपयोग को दिशा देंगे। कंपनी ने AI शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए पिछले वर्ष $120 मिलियन (लगभग ₹1,035 करोड़) का निवेश करने की घोषणा की थी।
Google की AI शिक्षा पहल
1. कार्यबल को प्रशिक्षित करने पर जोर
Alphabet के ग्लोबल अफेयर्स के अध्यक्ष Kent Walker ने बताया कि AI के क्षेत्र में कार्यबल को प्रशिक्षित करना Google की प्राथमिकताओं में से एक है। इस पहल के तहत, कंपनी व्यापार-केंद्रित प्रशिक्षण और टूल्स के साथ नई ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है।
2. कॉलेज स्तर पर AI कोर्स
Google का उद्देश्य कॉलेज स्तर पर व्यापार-विशिष्ट AI ज्ञान को शामिल करना है ताकि छात्रों को रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
3. स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण
Google के CEO सुंदर पिचाई ने सितंबर 2024 में एक $120 मिलियन निवेश कोष की घोषणा की थी। इस कोष का उपयोग गैर-लाभकारी संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथ साझेदारी करके स्थानीय भाषाओं में AI शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
4. डिस्प्लेसमेंट के जोखिम को कम करना
AI तकनीक से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए, Google का उद्देश्य “Grow with Google” जैसे मौजूदा कार्यक्रमों को विस्तारित करना है। ये कार्यक्रम कौशल-आधारित होंगे और डेटा विश्लेषण और IT सपोर्ट जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।
5. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप
Google “Skilled Trades and Readiness” जैसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी कार्यक्रमों पर काम कर रहा है। इस पहल के तहत, कंपनी अमेरिकी सामुदायिक कॉलेजों के साथ साझेदारी में डेटा सेंटर्स के निर्माण जैसे संभावित रोजगार के लिए छात्रों को प्रशिक्षित कर रही है।
नियामकों और कानून निर्माताओं के लिए शिक्षा
AI तकनीक को बेहतर तरीके से समझने और नीति निर्माण में मदद करने के लिए, Google नियामकों और सरकारों के साथ बातचीत कर रहा है। Kent Walker के अनुसार, अधिक संगठनों और व्यक्तियों को AI टूल्स का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना बेहतर AI नीति बनाने और नए अवसरों को खोलने में मदद करेगा।
AI शिक्षा के साथ अन्य मुद्दों का समाधान
Google का यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी विभिन्न नियामकीय जांचों का सामना कर रही है।
- यूरोपीय संघ (EU): Google पर सर्च प्लेटफॉर्म और विज्ञापन तकनीक व्यवसाय को लेकर सवाल उठे हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका: Google Chrome ब्राउज़र के एकाधिकार को लेकर एंटीट्रस्ट केस चल रहा है।