नए शोध में चौंकाने वाले प्रमाण मिले हैं कि निएंडरथल मानवों के खून में मौजूद विशेष प्रोटीन उनकी विलुप्ति के कारणों में से एक हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने निएंडरथल, डेनिसोवन्स और होमो सेपियन्स (आधुनिक मानव) की जीनोमिक अनुक्रमण (genetic sequencing) के आधार पर यह पाया कि इन प्रजातियों के लाल रक्त कोशिका एंटीजन (Red Blood Cell Antigens) में महत्वपूर्ण अंतर थे।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह भिन्नताएँ उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ाने में सहायक हो सकती थीं, जिससे वे बदलते पर्यावरण और अन्य मानव प्रजातियों के साथ प्रतिस्पर्धा में कमजोर साबित हुए।
शोध में क्या मिला?
यह अध्ययन Scientific Reports में प्रकाशित हुआ है, जिसमें Aix Marseille University, CNRS, EFS और ADES के वैज्ञानिकों ने निएंडरथल, डेनिसोवन्स और होमो सेपियन्स की लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने वाले एंटीजन की संरचना का विश्लेषण किया।
अध्ययन का मुख्य फोकस उन एंटीजन पर था जो ब्लड ग्रुप तय करते हैं, खासतौर पर Rh (Rhesus) एंटीजन, जो रक्त समूह को पॉजिटिव या नेगेटिव निर्धारित करता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि निएंडरथल के खून में एक अनोखा RhD एंटीजन मौजूद था, जो आधुनिक इंसानों में बहुत दुर्लभ है। यह एंटीजन न केवल डेनिसोवन्स बल्कि होमो सेपियन्स के रक्त समूहों से असंगत (incompatible) था।
जेनेटिक असंगतता का प्रभाव
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह रक्त समूह की असंगतता हेमोलिटिक डिजीज (Hemolytic Disease) का कारण बन सकती थी। यह बीमारी नवजात शिशुओं को प्रभावित करती है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
अगर निएंडरथल महिलाओं और अन्य प्रजातियों (होमो सेपियन्स और डेनिसोवन्स) के पुरुषों के बीच संतान उत्पन्न होती थी, तो इस बीमारी के कारण उनकी जीवित रहने की संभावना बहुत कम हो जाती थी।
अगर निएंडरथल और अन्य प्रजातियों के बीच यह अंतःप्रजनन (interbreeding) बड़े पैमाने पर हुआ होगा, तो इस असंगति के कारण निएंडरथल जनसंख्या धीरे-धीरे कम होती चली गई होगी, जिससे उनकी विलुप्ति की संभावना बढ़ गई।
क्या यही निएंडरथल के अंत का कारण था?
शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि यह रक्त समूह की समस्या निएंडरथल की विलुप्ति का अकेला कारण नहीं थी, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता जरूर हो सकता है।
पहले से ही पर्यावरणीय बदलाव (climate change), संसाधनों की कमी, और होमो सेपियन्स के साथ प्रतिस्पर्धा को निएंडरथल की विलुप्ति का मुख्य कारण माना जाता रहा है। यह नया शोध हमें उनकी विलुप्ति को लेकर और गहरी समझ प्रदान करता है।
निएंडरथल की विलुप्ति के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन रक्त समूह की जेनेटिक असंगतता भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि निएंडरथल और होमो सेपियन्स के बीच बड़े पैमाने पर अंतःप्रजनन हुआ था, तो यह जैविक असंगति उनके संतान की जीवन प्रत्याशा को घटाने में एक महत्वपूर्ण कारक रही होगी। यह अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि जैविक और आनुवंशिक कारक किस तरह किसी प्रजाति के अस्तित्व को प्रभावित कर सकते हैं।




