भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ‘ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर आयोजित एक क्षेत्रीय सम्मेलन में देश के सामने मौजूद चुनौतियों और उनकी रोकथाम के उपायों पर बात की। शाह ने कहा कि डार्क वेब, क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का नशा तस्करी में इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में नशे की एक भी किलोग्राम मात्रा न तो घुसने दी जाएगी और न ही बाहर जाने दी जाएगी। शाह ने कहा, “ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करने के साथ-साथ इससे जुड़े आतंकवाद को भी नष्ट किया गया है।”
डार्क वेब, क्रिप्टोकरेंसी और ड्रोन की चुनौती
अमित शाह ने बताया कि डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके नशा तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों से संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया।
शाह ने कहा कि ड्रग्स से मुक्त भारत बनाने के लिए डार्क वेब, क्रिप्टोकरेंसी और ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए।
ड्रग्स के खिलाफ ठोस कार्रवाई
गृह मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2004-2014 के दौरान मात्र 3.63 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी, जबकि 2014-2024 के बीच यह आंकड़ा 24 लाख किलोग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह, 2014-2024 में 54,851 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट की गई, जो पिछले दशक की तुलना में आठ गुना अधिक है।
2024 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और पुलिस ने 16,914 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त कर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की।
युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय विकास
शाह ने कहा, “नशे की लत में फंसी युवा पीढ़ी के साथ कोई भी देश विकास के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस चुनौती का सामना करें और इसे जीतें।”
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने ड्रग्स के नेटवर्क को उजागर करने और पूरे सिस्टम को कानूनी शिकंजे में लाने के लिए तेज़ गति से काम किया है।
तकनीकी समाधानों पर जोर
गृह मंत्री ने ड्रोन विरोधी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि वे इस दिशा में हैकथॉन आयोजित करें और तकनीकी प्रगति में योगदान दें।
सम्मेलन की मुख्य बातें
- नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए ‘ड्रग डिस्पोजल पखवाड़ा’ लॉन्च।
- 25 जनवरी तक 8,600 करोड़ रुपये की 1 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए जाएंगे।
- जिले स्तर पर रणनीतियां बनाकर मामलों की व्यवस्थित निगरानी पर जोर।
- अवैध प्रयोगशालाओं को नष्ट करने और उनकी परिसंपत्तियों को जब्त करने के लिए सख्त कार्रवाई।
अमित शाह ने सभी राज्य सरकारों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और युवाओं से अपील की कि वे नशा मुक्त भारत के अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर इस लड़ाई में अपना योगदान दें और इसे जीतें।”