अनंत चतुर्दशी का दिन केवल गणेश उत्सव का समापन ही नहीं, बल्कि भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का भी विशेष पर्व है। इस दिन गणपति बप्पा का विधिवत विसर्जन किया जाता है और भक्तजन भगवान विष्णु को अनंत सूत्र (धागा) समर्पित कर जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और पापों से मुक्ति की कामना करते हैं।
अनंत चतुर्दशी 2025 की तिथि व समय
- तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2025, प्रातः 3:14 बजे
- तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2025, मध्यरात्रि 1:41 बजे
👉 उदय तिथि के अनुसार, अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर (शनिवार) को मनाई जाएगी।
गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, गणेश विसर्जन हेतु ये शुभ चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं –
- शुभ चौघड़िया: सुबह 7:36 से 9:10 तक
- लाभ चौघड़िया: दोपहर 1:54 से 3:28 तक
- अमृत चौघड़िया: दोपहर 3:29 से 5:03 तक
- लाभ चौघड़िया: शाम 6:37 से 8:03 तक
इन मुहूर्तों में से किसी भी समय आप गणपति विसर्जन कर सकते हैं।
गणेश विसर्जन विधि
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंडप में दीपक जलाकर “गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें।
- गणेश जी को अक्षत, पुष्प, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
- गणेश चालीसा और गणपति आरती का पाठ करें।
- पूजा के पश्चात भगवान से क्षमा प्रार्थना करें और फिर बप्पा का विसर्जन करें।
- विसर्जन के समय भक्तजन भावुक होकर कहते हैं –
“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”
अनंत चतुर्दशी का महत्व
- गणेश उत्सव का समापन इसी दिन होता है।
- भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, वैभव और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
- अनंत सूत्र धारण करने से संकट दूर होते हैं और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
- यह पर्व परिवार और समाज को एकता और भक्ति का संदेश देता है।



