सूर्य षष्ठी या छठ पूजा आज | जानिए पूरी जानकारी | 2YoDo विशेष

नहाए-खाए के साथ यह व्रत शुरू होता है। आस्था का महापर्व छठ इस बार 28 अक्टूबर 2022 से नहाए-खाए से साथ शुरू होगया है, चार दिनों तक चलने वाले व्रत में महिलाएं संतान की लंबी उम्र के लिए 36 घंटों का निर्जला उपवास रखती हैं।

पहले दिन नहाए-खाए के साथ छठ पूजा का व्रत शुरू होता है। इस दिन सुबह उठकर स्नान के बाद घर की साफ- सफाई की जाती है। दूसरे दिन खरना है। इस दिन से व्रत शुरू होता है। रात के समय महिलाएं खीर खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करती हैं। वहीं तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को जल अर्पण किया जाता है। चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होता है।

छठ पूजा का मुहूर्त

30th अक्टूबर 2022 को शाम 5.37 बजे अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य देने का मुहूर्त है। वहीं 31st अक्टूबर 2022 को सुबह 6.31 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य देने का मुहूर्त है। छठ पूजा का व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू हो जाता है।

छठ पूजा की मान्यता

मान्यता है कि छठ पूजा की शुरूआत महाभारत काल से ही हुई थी। कर्ण रोजाना कमर तक पानी में घंटों खड़े रहकर उगते सूर्य को अर्घ्य देते थे और पूजा करते थे। सूर्य देव की कृपा से ही वह महान योद्धा बने और उन्हें कवच-कुंडल प्राप्त हुए थे। कर्ण को सूर्य पुत्र भी कहा जाता है। इसलिए इस व्रत में भी कमर तक पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को जल अर्पण किया जाता है।

ALSO READ  || औलाद ||
छठ पूजा की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार राजा प्रियव्रत के कोई संतान नहीं थी और वह इस बात के बहुत दुखी रहते थे। महर्षि कश्यप ने उन्हें संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ करने को कहा, राजा को पुत्र की प्राप्ति तो हुई, लेकिन महारानी मालिनी की कोख से मृत पुत्र पैदा हुआ।

धार्मिक कथा के अनुसार उसी समय माता छठी विराजमान हुई और उन्होंने कहा कि मैं सभी पुत्रों की रक्षा करती हूं। उन्होंने फिर मृत शिशु को हाथ लगाया और वह जीवित हो गया। राजा इससे बहुत खुश हो गए और उन्हें छठी माता की पूजा की। कहा जाता है कि तभी से इस व्रत की शुरूआत हुई।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Stay Connected

21,274FansLike
113FollowersFollow
1,540SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles