दिल्ली में घुसपैठियों पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, पहचान कर वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा; इन इलाकों पर नजर | New Delhi News

दिल्ली में लाखों की संख्या में विभिन्न झुग्गी बस्तियों में अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह में सात बांग्लादेशी घुसपैठिये की पहचान की गई जो लंबे समय से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रह रहे थे लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता से संबंधित कोई भी दस्तावेज जैसे पैन, आधार व वोटर कार्ड नहीं मिले।

उनमें छह घुसपैठिये को वापस बांग्लादेश भेज दिए गए। उन्हें वापस भेजने में कोई कानूनी अड़चन नहीं आई। शेष एक बांग्लादेशी काे सराय रोहिल्ला के शाहजादाबाद स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर सभी 15 जिले के सभी थाना पुलिस ने अपने-अपने इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के लिए एक सप्ताह से विशेष अभियान चला रखा है।

अभियान के तहत अब तक सात बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि दिल्ली में दो तरह के बांग्लादेशी नागरिक रहते हैं। एक जो बांग्लादेश से नदी पार कर भारत की सीमा में प्रवेश किए। उनके पास बांग्लादेश से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं पाए गए।

अवैध तरीके से पहले उनके आधार कार्ड बनवा दिए : दिल्ली में रहने के बाद कुछ राजनीतिक पार्टियों के सिंडिकेट ने अवैध तरीके से पहले उनके आधार कार्ड बनवा दिए उसके बाद उनके वोटर कार्ड व पैन कार्ड बन गए। दूसरा ऐसे बांग्लादेशी हैं जिनके पास बांग्लादेश के पासपोर्ट थे। वे भारतीय वीजा लेकर भारत आए। ऐसे नागरिक अधिकतम छह माह तक ही भारत में रह सकते हैं। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे बांग्लादेशी रह रहे हैं जिनके वीजा की अवधि खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने एजेंटों के जरिये दिल्ली में आधार, पैन व वाेटर कार्ड बनवा रखा है। वे वापस बांग्लादेश नहीं गए।

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बांग्लादेशी नागरिकों का हॉट स्पॉट हैं कई इलाके : पुलिस अधिकारी का कहना है कि 2003 तक दिल्ली पुलिस दिल्ली की झुग्गियों में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ कर उनके बारे में एफआरआरओ को सूचित करने के बाद लालकिला एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनों से वापस बांग्लादेश की सीमा में भेज दिए जाते थे। उस दौरान कई पुरूषों को बांग्लादेश भेज दिए गए लेकिन उनके बच्चे व महिलाओं को वापस नहीं भेजा गया। ऐसे में कई बांग्लादेशी नागरिकों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस मुद्दे पर न्याय की गुहार लगाई थी। जिसके बाद हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को केवल पुरुषों को बांग्लादेश भेजने पर रोक लगा दी थी।

बांग्लादेशी नागरिकों ने भारतीय युवतियों से की शादी : कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी के बांग्लादेशी नागरिक होने के साक्ष्य मिलते हैं, तब पुलिस उनके परिवार के सभी सदस्यों को बांग्लादेश भेजने की व्यवस्था करें। उसी के बाद से निरंतर चलने वाली दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर ब्रेक लग गया। दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले लाखों की संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों ने भारतीय मुस्लिम युवतियों से शादियां भी कर ली है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि जिन बांग्लादेशी नागरिकों ने दिल्ली में फर्जी तरीके से आधार, पैन व वोटर कार्ड बनवा रखे हैं उन्हें वापस बांग्लादेश कैसे भेजा जाए इसको लेकर दिल्ली पुलिस असमंजस में है। अभी गृह मंत्रालय से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है कि ऐसे नागरिकों के मामले में क्या फैसला लिया जाए।

पुलिस बांग्लादेशियों के मूल जगह का पता लगा रही : पुलिस अधिकारी का कहना है कि बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ कर उनके मूल जगह के बारे में पता लगाया जा रहा है। हर नागरिक के बारे में बांग्लादेश के स्थानीय ग्राम प्रधान व मुख्य विकास अधिकारी के पास जानकारी होती है। ऐसे में गृह मंत्रालय से स्पष्ट दिशा निर्देश मिलने पर बांग्लादेशी नागरिकों के गृह क्षेत्र जाकर उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद भारतीय दस्तावेज को रद कराया जा सकता है जो काफी लंबी प्रक्रिया होगी। उसके बाद दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों से मुक्त मिल पाना संभव है।

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