चंद्रमा की सतह पर नई हलचल: क्या अब भी सक्रिय है इसका भूवैज्ञानिक विकास | Details Inside

हाल ही में खगोलविदों ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से पर नई झुर्रीदार पहाड़ियाँ (Wrinkle Ridges) खोजी हैं, जो दर्शाती हैं कि चंद्रमा अब भी ठंडा हो रहा है और सिकुड़ रहा है। इस प्रक्रिया के कारण सतह पर भूगर्भीय परिवर्तन हो रहे हैं, जिनका भविष्य के चंद्र अभियानों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

वैज्ञानिकों ने 266 झुर्रीदार पहाड़ियों की खोज की है, जो पिछले 16 करोड़ वर्षों में बनी हैं, और यह सवाल उठता है कि क्या चंद्रमा अब भी भूगर्भीय रूप से सक्रिय है।

हालिया भूगर्भीय गतिविधि के प्रमाण

NASA के लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) के नैरो एंगल कैमरा से प्राप्त छवियों से इन झुर्रीदार पहाड़ियों की पहचान की गई।

  • पहले की तुलना में आकार में छोटे: ये पहाड़ियाँ लगभग 100 मीटर चौड़ी और 1,000 मीटर लंबी हैं।
  • सतह पर नई संरचनाएँ: इनकी अपेक्षाकृत हाल की उत्पत्ति इस धारणा को चुनौती देती है कि चंद्रमा की भूगर्भीय गतिविधि अरबों साल पहले समाप्त हो चुकी थी।

क्यों अलग है चंद्रमा का दूरस्थ भाग?

चंद्रमा का निकट भाग (Near Side) और दूरस्थ भाग (Far Side) भूगर्भीय रूप से बहुत अलग हैं।

  • निकट भाग: यहाँ चंद्र मारिया (Lunar Maria) नामक विशाल ज्वालामुखीय मैदान हैं, जो इसकी सतह के 31% भाग में फैले हैं।
  • दूरस्थ भाग: इसमें मात्र 1% ज्वालामुखीय मैदान हैं।
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वैज्ञानिक मानते हैं कि एक बौने ग्रह (Dwarf Planet) के टकराव के कारण चंद्रमा के दूरस्थ भाग की क्रस्ट मोटी हो गई होगी, जिससे यहाँ ज्वालामुखीय गतिविधियाँ कम हो गईं।

क्रेटर विश्लेषण से पुष्टि

इन झुर्रीदार पहाड़ियों की आयु का अनुमान लगाने के लिए क्रेटर काउंटिंग पद्धति का उपयोग किया गया।

  • आयु: ये संरचनाएँ 8.4 करोड़ से 16 करोड़ वर्ष पुरानी मानी जाती हैं।
  • भूगर्भीय सक्रियता: यदि चंद्रमा पूरी तरह निष्क्रिय होता, तो ये पहाड़ियाँ बहुत पहले बन चुकी होतीं।

इससे संकेत मिलता है कि चंद्रमा के आंतरिक भाग में अब भी कुछ गतिविधि जारी है।

क्या चंद्रमा पर भूंकंप (Moonquakes) हो रहे हैं?

यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड की ग्रह वैज्ञानिक जैकलीन क्लार्क के अनुसार, चंद्रमा का सिकुड़ना और उसकी आंतरिक गतिविधियाँ वहाँ भूंकंप (Moonquakes) उत्पन्न कर सकती हैं।

  • अपोलो मिशन के दौरान चंद्रमा पर कंपन महसूस किए गए थे।
  • नए अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि ये कंपन चंद्रमा की सिकुड़न और सतह पर झुर्रियों के बनने से हो सकते हैं।
  • भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण चुनौती साबित हो सकता है।

चंद्र नमूनों से मिले नए संकेत

2020 में चीन के चांग’ई 5 मिशन द्वारा लाए गए चंद्र नमूनों में 123 मिलियन वर्ष पुराने ज्वालामुखीय कांच के मोती पाए गए।

  • यह इस बात का प्रमाण है कि चंद्रमा पर ज्वालामुखीय गतिविधियाँ अनुमान से अधिक समय तक जारी रहीं।
  • यह अध्ययन चंद्रमा की सतह पर निरंतर भूगर्भीय परिवर्तनों को दर्शाता है।

भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए प्रभाव

क्या यह खोज चंद्रमा पर बस्तियाँ बसाने की योजना को प्रभावित कर सकती है?

  • भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र: यदि चंद्रमा के कुछ हिस्से भूगर्भीय रूप से अस्थिर हैं, तो वहाँ भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना जोखिम भरा हो सकता है।
  • संभावित सुरक्षित स्थान: वैज्ञानिकों को अब ऐसे क्षेत्रों की तलाश करनी होगी जो भूगर्भीय रूप से स्थिर हों।
  • अंतरिक्ष संरचनाओं की योजना: निर्माण से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि भूंकंप और सतही विकृति जैसी समस्याएँ न हों।
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🔭 चंद्रमा के भूगर्भीय रूप से निष्क्रिय होने की धारणा अब कमजोर पड़ रही है।
🚀 इस अध्ययन से संकेत मिलता है कि चंद्रमा अभी भी आंतरिक रूप से सक्रिय हो सकता है।
🌑 भविष्य के चंद्र मिशनों में स्थायी बस्तियाँ स्थापित करने के लिए इस शोध को ध्यान में रखना होगा।

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