रचनात्मकता और नवाचार कैसे उत्पन्न होते हैं, इस पर एक नए शोध अध्ययन ने गणितीय सिद्धांतों का उपयोग करके महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। शोधकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करके यह पता लगाया कि कैसे नए विचार विकसित होते हैं और समाज में नवाचार को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है।
अध्ययन में दो प्रकार की नवीनता की जांच की गई—एक पूरी तरह से नए तत्व की खोज और दूसरा मौजूदा तत्वों के नए संयोजन बनाना। यह खोज विज्ञान, साहित्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहां नवाचार प्रगति के लिए आवश्यक होता है।
रचनात्मकता के लिए गणितीय ढांचा
यह अध्ययन Nature Communications पत्रिका में प्रकाशित हुआ, जिसमें गणितीय दृष्टिकोण से रचनात्मकता को समझने का प्रयास किया गया। इस अध्ययन का नेतृत्व क्वीन्स मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के प्रोफेसर वीटो लटोरा ने किया।
उन्होंने कहा कि यह शोध रचनात्मकता की जटिल प्रक्रिया को समझने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है और यह यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि कौन से कारक विचारों, उत्पादों और तकनीकों की सफलता में योगदान देते हैं।
इस शोध में Edge-Reinforced Random Walk with Triggering (ERRWT) नामक एक गणितीय मॉडल विकसित किया गया, जो यह अनुकरण करता है कि लोग कैसे नए तत्वों की खोज और संयोजन करते हैं।
पारंपरिक यादृच्छिक चाल (random walk) से अलग, ERRWT उन कड़ियों को मजबूत करता है जिनका अधिक बार उपयोग किया जाता है और जब कोई नई संयोजन संभावनाएं उभरती हैं तो नए लिंक बनाता है। यह वास्तविक दुनिया की खोज प्रक्रिया को दर्शाता है, जहां किसी विशेष तत्व के बार-बार संपर्क में आने से नए संयोजनों की संभावना बढ़ जाती है।
विभिन्न क्षेत्रों में शोध का विश्लेषण
शोधकर्ताओं ने ERRWT मॉडल को तीन अलग-अलग डेटासेट पर लागू किया—Last.fm से संगीत सुनने की आदतें, Project Gutenberg से साहित्यिक ग्रंथ और Semantic Scholar से वैज्ञानिक प्रकाशन। शोध में पाया गया कि विभिन्न व्यक्तियों की नवीन तत्वों की खोज की दर तो समान थी, लेकिन वे उन्हें अलग-अलग तरीकों से व्यवस्थित करते थे।
- संगीत में कुछ उपयोगकर्ता नए गीतों की खोज के समान दर रखते थे, लेकिन वे अलग-अलग सुनने के पैटर्न विकसित करते थे।
- साहित्य में लेखकों ने नए शब्दों की अपेक्षा मौजूदा शब्दों के नए संयोजन बनाने की प्रवृत्ति दिखाई।
- वैज्ञानिक शोध पत्रों में शीर्षकों में सबसे अधिक नवीन शब्द संयोजन पाए गए, जिससे पता चलता है कि विज्ञान में रचनात्मकता का एक अलग तरीका होता है।
इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि नवाचार की प्रक्रिया Heaps’ Law का पालन करती है, जो दर्शाता है कि नए तत्व और संयोजन समय के साथ किस दर से उभरते हैं।
इस सिद्धांत को लागू करके शोधकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की दर का अनुमान लगाया। निष्कर्षों से पता चला कि कुछ क्षेत्रों में नई खोजों पर अधिक जोर दिया जाता है, जबकि अन्य में मौजूदा तत्वों को नए तरीकों से पुनः संयोजित करने पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
भविष्य के शोध के लिए संभावनाएं
इस अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि रचनात्मक प्रक्रियाओं की समझ को बेहतर बनाने से नवाचार को बढ़ावा देने की रणनीतियां विकसित की जा सकती हैं। प्रोफेसर लटोरा ने कहा कि नए विचारों और प्रवृत्तियों के उत्थान और पतन को समझने के लिए नवीनता निर्माण की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है।
भविष्य में, इस मॉडल में एक सामाजिक घटक को शामिल करने की योजना है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि बाहरी प्रभाव रचनात्मक विकास को कैसे आकार देते हैं।



