आयकर विधेयक 2025: क्रिप्टो और NFT के लिए नए नियमों की पूरी जानकारी | Details Inside

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को लोकसभा में नया आयकर विधेयक, 2025 पेश किया। इस विधेयक में ‘आभासी डिजिटल संपत्तियों (VDAs)’ की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। यह कदम इस महीने की शुरुआत में प्रस्तुत किए गए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट के बाद उठाया गया है।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में क्रिप्टो क्षेत्र पर लागू कर कानूनों में किसी बदलाव का उल्लेख नहीं किया, जिससे क्रिप्टो समुदाय में निराशा देखी गई।

नया आयकर विधेयक 2025: VDAs की परिभाषा

भारत वेब3 उद्योग, ब्लॉकचेन, क्रिप्टोकरेंसी और नॉन-फंजिबल टोकन (NFTs) को बेहतर ढंग से समझने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। नए आयकर विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि:

कोई भी सूचना, कोड, संख्या या टोकन, जो क्रिप्टोग्राफिक माध्यम से उत्पन्न होता है और किसी आंतरिक मूल्य का डिजिटल प्रतिनिधित्व करता है, उसे आभासी डिजिटल संपत्ति (VDA) माना जाएगा।

NFTs को पहली बार स्पष्ट रूप से VDA के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये टोकन ब्लॉकचेन पर आधारित होते हैं और किसी डिजिटल या भौतिक संपत्ति का अद्वितीय प्रतिनिधित्व करते हैं। NFT धारकों को स्वामित्व का प्रमाण पत्र मिलता है, जो अपरिवर्तनीय रहता है जब तक कि इसे हस्तांतरित या विभाजित न किया जाए।

कई ब्रांड और गेम प्रकाशकों ने हाल के वर्षों में युवाओं को आकर्षित करने, पुरस्कार देने और इन-गेम खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए NFT का उपयोग किया है।

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केंद्र सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह अधिसूचना जारी कर किसी भी डिजिटल संपत्ति को इस परिभाषा से बाहर कर सके।

क्रिप्टो क्षेत्र को लेकर विधेयक में अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

यह विधेयक 622 पृष्ठों और 536 धाराओं में विस्तृत है। इसमें क्रिप्टो व्यवसायों को भारतीय कानून के अनुरूप लाने के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश शामिल हैं:

  • अघोषित आय: क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से अर्जित धन को अघोषित आय के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • लेन-देन की रिपोर्टिंग: क्रिप्टो से जुड़ी किसी भी संस्था को अपने लेन-देन का विवरण आयकर विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • त्रुटि सुधार की सुविधा: यदि प्रस्तुत विवरण में कोई गलती पाई जाती है, तो उसे सुधारने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा।
  • स्वैच्छिक त्रुटि रिपोर्टिंग: कंपनियां स्वयं भी आयकर विभाग को रिपोर्टिंग में हुई गलतियों की सूचना दे सकती हैं।
  • असत्य जानकारी पर कार्रवाई: यदि तय समय सीमा में त्रुटियों को नहीं सुधारा गया तो इसे गलत सूचना देने के रूप में देखा जाएगा और आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

क्रिप्टो समुदाय की प्रतिक्रिया

Giottus के संस्थापक अर्जुन विजय ने कहा कि सरकार और क्रिप्टो उद्योग के बीच यह एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सरकार क्रिप्टो क्षेत्र को अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखेगी। उन्होंने कहा, “जैसे शेयर बाजार में सभी लेन-देन का विवरण आयकर विभाग के पास स्वतः उपलब्ध होता है, भविष्य में क्रिप्टो लेन-देन के लिए भी ऐसा ही होगा।”

वहीं, KoinBX क्रिप्टो एक्सचेंज के मुख्य रणनीति अधिकारी उत्कर्ष तिवारी ने कहा, “नीतियों को बनाने में समय लगता है, खासकर जब इसमें विभिन्न हितधारक शामिल हों। सरकार, वित्तीय संस्थाएं और नियामक एजेंसियां मिलकर एक व्यापक और समावेशी नीति बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।”

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भविष्य की चुनौतियां और संभावनाएं

आयकर विधेयक 2025, 1961 के आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित करने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य कर दाखिल प्रक्रिया को सरल बनाना है। हालांकि, क्रिप्टो आय पर 30 प्रतिशत कर दर में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्रिप्टो समुदाय को उम्मीद है कि सरकार धीरे-धीरे वेब3 क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहायक नीतियों की घोषणा करेगी। वहीं, सरकार ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस क्षेत्र में संभावित खतरों को समझते हुए नीतिगत कदम उठाएगी।

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