गूगल जल्द ही जीमेल उपयोगकर्ताओं के लिए एसएमएस-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को समाप्त करने जा रहा है। कंपनी इसके स्थान पर क्यूआर (QR) कोड आधारित वेरिफिकेशन प्रणाली लाने की तैयारी कर रही है। यह कदम उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि साइबर अपराधी एसएमएस द्वारा भेजे गए लॉगिन कोड को चुराकर खाते हैक करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
इस बदलाव के बाद, जीमेल यूजर्स को लॉगिन करते समय एसएमएस कोड के बजाय क्यूआर कोड स्कैन करना होगा, जो अधिक सुरक्षित समाधान माना जा रहा है।
जीमेल में क्यों हटाया जा रहा है एसएमएस-आधारित 2FA?
गूगल की यह नई नीति साइबर अपराधियों द्वारा किए जाने वाले एसएमएस धोखाधड़ी और सिम स्वैपिंग हमलों को रोकने के लिए लाई जा रही है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल आने वाले महीनों में एसएमएस आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को पूरी तरह बंद कर देगा।
वर्तमान में, जब कोई उपयोगकर्ता अपने गूगल अकाउंट में लॉगिन करता है, तो उसे एसएमएस के जरिए छह अंकों का कोड प्राप्त होता है, जिसे पासवर्ड दर्ज करने के बाद पुष्टि के रूप में डालना होता है।
गूगल ने इस 2FA फीचर को 2011 में पेश किया था, लेकिन समय के साथ और अधिक सुरक्षित विकल्पों को अपनाया गया है। गूगल के प्रवक्ता रॉस रिचेंड्रफर के अनुसार, “एसएमएस कोड उपयोगकर्ताओं के लिए एक बढ़ते खतरे का कारण बन सकते हैं। हम एक नया और सुरक्षित तरीका पेश कर रहे हैं जिससे साइबर अपराधियों के हमले का खतरा कम किया जा सके।”
कैसे काम करेगा क्यूआर कोड आधारित 2FA?
जब गूगल एसएमएस आधारित 2FA को हटाएगा, तब उपयोगकर्ताओं को लॉगिन प्रक्रिया के दौरान एसएमएस कोड की जगह एक क्यूआर कोड दिखाई देगा। इस क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन के कैमरा ऐप के माध्यम से स्कैन करके लॉगिन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यह तरीका अधिक सुरक्षित माना जा रहा है क्योंकि:
- सिम स्वैपिंग धोखाधड़ी से सुरक्षा: साइबर अपराधी अक्सर उपयोगकर्ताओं का मोबाइल नंबर हैक करके एसएमएस कोड प्राप्त कर लेते हैं, जिससे उनके खाते तक पहुंच बनाना आसान हो जाता है।
- फिशिंग हमलों से बचाव: अपराधी उपयोगकर्ताओं को नकली वेबसाइटों पर लॉगिन करने के लिए बरगलाकर उनके एसएमएस कोड चुरा सकते हैं, लेकिन क्यूआर कोड विधि में यह जोखिम काफी हद तक समाप्त हो जाएगा।
- ऑटोमैटिक ऑथेंटिकेशन: क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए उपयोगकर्ताओं को बिना किसी मैन्युअल इनपुट के लॉगिन की सुविधा मिलेगी, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और आसान होगी।
क्या फोन कॉल आधारित 2FA भी बंद होगा?
गूगल अभी उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के अलावा फोन कॉल के माध्यम से भी 2FA कोड प्राप्त करने की सुविधा देता है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह विकल्प जारी रहेगा या इसे भी हटाया जाएगा।
इसके अलावा, गूगल पहले से ही एक और सुरक्षित लॉगिन विधि प्रदान करता है, जिसमें उपयोगकर्ताओं के स्मार्टफोन पर लॉगिन अनुरोध (प्रॉम्प्ट) भेजा जाता है, जिसे टैप करके लॉगिन किया जा सकता है।
इसके अलावा, Google Authenticator और अन्य पासवर्ड मैनेजर ऐप्स के जरिए टाइम-बेस्ड वन-टाइम पासवर्ड (TOTP) विकल्प भी उपलब्ध है।
गूगल की इस नई नीति का असर
गूगल का यह बदलाव साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम अन्य टेक कंपनियों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा, जिससे वे अपने सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत कर सकें।
यह फैसला उसी तरह का है जैसा ट्विटर (अब X) ने भी एसएमएस आधारित 2FA के दुरुपयोग को रोकने के लिए किया था।
गूगल की यह नई सुरक्षा नीति उपयोगकर्ताओं के खातों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम है। जहां एसएमएस आधारित 2FA ने एक दशक से अधिक समय तक सुरक्षा प्रदान की, वहीं अब नई तकनीक की जरूरत महसूस की जा रही है।
क्यूआर कोड आधारित वेरिफिकेशन साइबर अपराधियों के हमलों को रोकने में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में यह बदलाव लागू होने की संभावना है, इसलिए उपयोगकर्ताओं को जल्द ही अपनी सुरक्षा सेटिंग्स को अपडेट करने के लिए सतर्क रहना चाहिए।


