गूगल ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक नया सत्यापन स्तर जोड़ा है, जो अब किसी अनजान डिवाइस पर गूगल अकाउंट लॉगिन करने पर दिखाई देगा। यह बदलाव गूगल प्ले सर्विसेज के नवीनतम संस्करण के साथ आया है और फिलहाल केवल एंड्रॉयड फोन तक सीमित है।
इस नई सुविधा के तहत, “क्या आप साइन इन करने की कोशिश कर रहे हैं?” वाले संकेत के बाद उपयोगकर्ताओं को अपने फिंगरप्रिंट, पिन या अन्य क्रेडेंशियल्स के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी।
गूगल अकाउंट के लिए अतिरिक्त 2FA सुरक्षा उपाय
इस बदलाव को सबसे पहले 9to5Google ने देखा और यह Google Play Services वर्जन 25.02.34 के साथ लागू किया गया है। अब तक, गूगल अकाउंट में लॉगिन करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपनी ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करने के बाद, “क्या आप साइन इन करने की कोशिश कर रहे हैं?” वाला संकेत मिलता था। उपयोगकर्ता “हाँ, यह मैं हूँ” पर टैप कर सकते थे और फिर स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर को दर्ज करके लॉगिन कर सकते थे।
अब इस प्रक्रिया में एक और सुरक्षा परत जोड़ी गई है, जिसके तहत उपयोगकर्ताओं को बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन) या डिवाइस अनलॉक पिन/पैटर्न का उपयोग करके दूसरी बार अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके अलावा, पासकी (Passkeys), सिक्योरिटी की (Security Keys), या ऑथेंटिकेटर ऐप्स का भी उपयोग किया जा सकता है।
यह नया 2FA अपडेट सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे केवल उन्हीं उपयोगकर्ताओं को लॉगिन की अनुमति मिलेगी जिनकी बायोमेट्रिक जानकारी या पिन पहले से डिवाइस में सेव है।
नई 2FA सुविधा के कार्यान्वयन की स्थिति
फिलहाल, Gadgets 360 के अनुसार, यह अपडेट अभी तक सभी डिवाइस पर उपलब्ध नहीं है, भले ही Google Play Services को नवीनतम संस्करण में अपडेट किया गया हो। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस फीचर को सभी डिवाइस तक पहुंचने में कुछ दिन लग सकते हैं।
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि यह सुरक्षा फीचर भविष्य में iOS डिवाइस पर भी उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, एंड्रॉयड की तरह यह Google Play Services के बजाय Gmail ऐप के माध्यम से लागू किया जाएगा।
गूगल के इस नए 2FA अपडेट के फायदे
- अधिक सुरक्षा: अतिरिक्त बायोमेट्रिक या पिन वेरिफिकेशन से अनाधिकृत लॉगिन का जोखिम कम होगा।
- बेहतर गोपनीयता: केवल उन्हीं उपयोगकर्ताओं को लॉगिन की अनुमति मिलेगी जिनके बायोमेट्रिक डेटा या पिन पहले से सेव हैं।
- साइबर हमलों से बचाव: फ़िशिंग और पासवर्ड चोरी के मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।
- आसान उपयोग: उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या पिन से तेजी से लॉगिन कर सकेंगे।
गूगल द्वारा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) में नया सुरक्षा स्तर जोड़ना साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि केवल वास्तविक उपयोगकर्ता ही अपने गूगल अकाउंट तक पहुंच सकें, जिससे फिशिंग हमले और अनधिकृत लॉगिन प्रयासों को रोका जा सके।
हालांकि, यह सुविधा अभी सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन जल्द ही इसे सभी एंड्रॉयड और संभावित रूप से iOS डिवाइस पर लागू किए जाने की उम्मीद है।