|| दहेज ||

नमस्कार मित्रों,

एक बिन माँ बाप की लड़कीं थी। अपने ननिहाल में पल पोश कर बड़ी हो रही थी। कुछ ही क्लास पढ़ा लिखा कर घर में ननिहाल वाले सारा काम करवाते थे। कभी कभी साग सब्जी लेने बाजार जाती रहती थी। एक दिन उस के लड़की से कही रुपया गिर गया। वह लड़कीं घबरा कर, कई सब्जी वालो से कहने लगी कि आप सब्जी उधार दे दीजिये।

मैं दो चार दिन में आप को पैसे दे दूँगी। लेकिन कोई सब्जी वाला उधार देने को तैयार नही था। यह बात एक लड़का सुन कर बोला कि, मैडम! आप को कितने पैसों की जरूरत हैं।

उसने 500 रुपये की नोट निकाल कर देते हुए बोला कि, आप के पास जब हो जाएगा। तो वापस कर देना।

लड़कीं बोली कि सर! आप को कहाँ खोजूँगी। लड़का बोला कि, मैं बहुत बड़ा आदमी नही हूँ। प्रतिदिन हम इसी समय सब्जी या फल लेने बाजार आया करता हूँ। लड़कीं जब भी बाजार आती थी। लड़का भी संयोग से मिल जाता था।

लड़कीं मिल कर बहुत शर्मिंदगी महसूस करती थी। लड़का भी कुछ नही कहता था। जब एक हप्ता हो गया।

तो लड़कीं पूरी बात बताई की सर! मैं अपने ननिहाल में रहती हूँ। सब्जी में से रोज कुछ पैसे बचाती हूँ। तो वही इकठ्ठा कर के दे दूँगी।

लड़का बोला कि, हमे आप से कोई पैसे नही चाहिये। अगर कभी भी जरूरत पड़े तो हम आप की मदद और कर देंगे। उस दिन से वह लड़कीं जब देखती थी। तो सर! नमस्ते कहती थी। वह लड़का भी नमस्ते कर के चल देता था।

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लेकिन उस लड़के से वह मिल कर बहुत खुश होती थी। लड़का भी उस लड़की से मिलने के बहाने आया करता था। कभी कभी लड़कीं के ननिहाल वाले ताने मारते थे।

कि जवान हो गयी हैं। मर भी नही गयी। अब तो शादी का सारा खर्च हम लोग को ही उठाना हैं। एक दिन उस लड़की ने उस लड़के से बोली कि, सर! क्या आप अपने घर झाड़ू पोछा मारने के लिये, मुझे रख लेंगे।

हमे अब ननिहाल में घुटन महसूस होता हैं। लड़का हँसते हुए बोला कि, ठीक हैं। हमको अपने मम्मी पापा से पूछ लेने दीजिये।

संयोग देखिये, वह एक जरुरी काम से बाहर चला गया। लड़कीं जब भी बाजार आती। उसी लड़के को, उसकी नजरे ढूढ़ती थी। वह लड़कीं निराश हो गयी।

किसी ने शिकायत भी कर दी। सब्जी लेने के बहाने किसी लड़के से मिलती हैं। अब रोज ननिहाल वाले प्रताड़ित करने लगे थे। लड़कीं उब कर मन में सोच ली।

कि आज अगर वह लड़का नही मिला तो आत्महत्या कर लूँगी। अजीब संयोग देखिये। उस दिन वह लड़का तब तक दिखाई दे दिया।

लड़कीं उस लड़के को देख कर अपने आँसुओं को रोक न सकी। और नम आँखों से बोली कि सर! आप कहाँ चले गए थे। लड़कीं के नम आंखों को, देख लड़का बोला कि, आप से एक बात बोलूँ! आप नाराज तो नही होंगी।

लड़कीं कही कि सर बोलिये! लड़का बोला कि, क्या आप मुझसे शादी करेंगी। कोई दबाव नही हैं। यह सुन लड़कीं फफक कर रोने लगी। लड़का हाथ को बढ़ाते हुए गले लगा लिया। वह खुद अपनी आँसुओं को रोक न सका।

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लड़कीं को ऐसा लग रहा था। कि दुनिया ही मिल गयी। लड़के ने कहा कि, कल अपने हम मम्मी पापा को लेकर आप के ननिहाल आएंगे। हमें कुछ नही चाहिये। बस लोग आप को ताने न मार सके कि, आप ने भाग कर शादी की।

घर सबको जाकर बता देना। फिर भी लड़कीं घर कुछ नही बताई। अचानक एक बहुत कीमती कार खड़ी होती हैं। उसमे से वह लड़का व उसके मम्मी पापा निकलते हैं। लड़कीं के ननिहाल वाले चौक गए। वह बोले कि आप सब!

लड़के की मम्मी पापा बोले कि, आप की भांजी का हाथ माँगने आये हैं। हमने मुहूर्त निकाल कर सब इन्तजाम कर लिया हैं। आप केवल लड़कीं लेकर आ जाना। हमारे बारे में अगर जानकारी करना चाहते हो तो पता कर लेना।

शहर का सबसे बड़ा धनी व्यक्ति हूँ। मुझे कुछ नही चाहिये। हमारे लिये दुल्हन ही दहेज हैं। लड़के के मम्मी पापा अपने सारे खर्च से बड़ी धूमधाम से विवाह की।

वह लड़कीं ससुराल पहुँच कर घर में अपने सास ससुर के मरते वक्त तक बहुत सेवा व देखभाल की!

दुल्हन ही दहेज है। आप सभी महानुभावों से अनुरोध है कि आप लड़कीवालों से दहेज की मांग न करें।

लेख पढ़ने के लिए धन्यवाद मित्रों.

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