भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में Intra Circle Roaming (ICR) सुविधा शुरू की है, जो डिजिटल भारत निधि (DBN) से वित्तपोषित 4G मोबाइल साइटों का उपयोग करती है। इस पहल का उद्घाटन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संचार साथी ऐप के साथ किया।
यह पहल BSNL, एयरटेल और रिलायंस जियो जैसे तीन प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को एक मंच पर लाकर उनके बुनियादी ढांचे के साझा उपयोग को प्रोत्साहित करती है। इस कदम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
ICR सुविधा: ग्रामीण भारत में दूरसंचार क्रांति
ICR पहल के माध्यम से BSNL, एयरटेल और रिलायंस जियो के उपयोगकर्ता उन क्षेत्रों में भी कॉल कर सकते हैं और 4G सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं, जहां उनके सेवा प्रदाता के टावर नहीं हैं।
- DBN का महत्व: डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत स्थापित एक कोष है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और सेवाओं की लागत को किफायती बनाना है।
- लाभ:
- 35,400 ग्रामीण और दूरस्थ गांवों में निर्बाध 4G कनेक्टिविटी।
- करीब 27,000 टावरों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को सेवाएं।
- ऑपरेटरों और सरकार के लिए कम पूंजीगत खर्च।
पहले, केवल एक विशिष्ट नेटवर्क के ग्राहकों को उनके क्षेत्र में उपलब्ध टावर का लाभ मिलता था। लेकिन ICR पहल से तीनों प्रमुख नेटवर्क एक-दूसरे की बुनियादी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
संचार साथी ऐप: उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए एक कदम
संचार साथी ऐप iOS और Android पर उपलब्ध है। यह उपयोगकर्ताओं को अपने दूरसंचार संसाधनों की सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाने के लिए उपयोगी टूल प्रदान करता है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) 2.0 का विज़न डॉक्यूमेंट भी लॉन्च किया गया। इसके तहत:
- 1.7 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य।
- डिजिटल इंडिया के तहत टेलीकॉम एक्सेस को और मजबूत बनाने की योजना।
दूरसंचार के क्षेत्र में नया अध्याय
इस पहल का उद्देश्य “टेलीकॉम गैप” को भरना है और इसे डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ग्रामीण भारत में बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, और डिजिटल सेवाओं में क्रांति आने की संभावना है।
डिजिटल बुनियादी ढांचे को साझा करने का यह मॉडल सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसके माध्यम से भारत न केवल दूरसंचार सेवाओं में सुधार करेगा, बल्कि डिजिटल समावेशन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा।



