OpenAI ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि ChatGPT के प्रशिक्षण डेटा को हटाने का कोई भी आदेश अमेरिका में उसके कानूनी दायित्वों के विपरीत होगा। OpenAI का यह बयान ANI (एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल) द्वारा नवंबर में दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे के जवाब में आया है।
ANI का आरोप है कि OpenAI ने उनकी प्रकाशित सामग्री का उपयोग ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए बिना अनुमति किया है। ANI ने कोर्ट से यह भी अपील की है कि ChatGPT में पहले से संग्रहीत उनकी सामग्री को हटाया जाए।
OpenAI की दलीलें: प्रमुख बिंदु
- भारतीय अदालत का अधिकार क्षेत्र नहीं:
OpenAI ने कहा कि उसका भारत में कोई कार्यालय या स्थायी प्रतिष्ठान नहीं है और ChatGPT के डेटा को स्टोर करने वाले सर्वर भी भारत के बाहर स्थित हैं। - अमेरिकी कानूनों का पालन:
OpenAI का तर्क है कि अमेरिका में चल रहे मुकदमों के कारण वह अपने प्रशिक्षण डेटा को हटाने में असमर्थ है, क्योंकि अमेरिकी कानूनों के तहत यह डेटा सुरक्षित रखना अनिवार्य है। - मुकदमे का जवाब:
OpenAI ने ANI के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उसने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा का उचित उपयोग किया है और ANI की सामग्री को दोहराने के आरोप गलत हैं। - व्यावसायिक साझेदारी पर ANI की चिंता:
ANI ने कोर्ट में यह भी कहा कि OpenAI की अन्य समाचार संस्थानों के साथ साझेदारी उनके लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा का कारण बन सकती है।
ANI की प्रतिक्रिया
ANI का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के पास इस मामले की सुनवाई का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ChatGPT ने उनके लेखों के अंश शब्दशः या समान रूप में उपयोगकर्ताओं को जवाब में प्रस्तुत किए।
ANI ने कहा है कि वह इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया दाखिल करेगी।
OpenAI और वैश्विक विवाद
OpenAI और अन्य AI कंपनियां वर्तमान में दुनिया भर में कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमों का सामना कर रही हैं। इनमें न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य प्रमुख मीडिया कंपनियों द्वारा दायर मामले शामिल हैं।
OpenAI ने हाल ही में कई मीडिया संस्थानों जैसे टाइम मैगज़ीन, फाइनेंशियल टाइम्स, और ले मोंड के साथ सामग्री साझा करने के लिए व्यावसायिक समझौते किए हैं।
मामला अब 28 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट में सुना जाएगा।