Airtel का नया Fraud Detection सिस्टम: अब WhatsApp और Instagram पर भी मिलेगा सुरक्षा कवच | Details Inside

वर्तमान डिजिटल युग में जब हमारे जीवन का अधिकांश भाग इंटरनेट और मोबाइल एप्लिकेशन पर निर्भर हो चुका है, तब साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी भी बड़ी चुनौती बन चुके हैं। पहले जहां केवल OTP या फर्जी कॉल्स से ठगी होती थी, वहीं अब ये अपराधी अत्यधिक जटिल और तकनीकी तौर पर दक्ष हो गए हैं।

सोशल मीडिया, ईमेल, ब्राउज़र, मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Facebook और Instagram के ज़रिये अब ठग लाखों लोगों को निशाना बना रहे हैं।

एयरटेल की पहल: एक इंटेलिजेंट फ्रॉड डिटेक्शन सॉल्यूशन

इस समस्या से निपटने के लिए भारती एयरटेल ने 16 मई 2025 को एक नई और अत्याधुनिक फ्रॉड डिटेक्शन तकनीक की शुरुआत की है। यह प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित है और यह यूज़र्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक बहु-स्तरीय इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करती है।

एयरटेल फ्रॉड डिटेक्शन तकनीक कैसे काम करती है?

मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम

एयरटेल का यह सॉल्यूशन मल्टी-टियर इंटेलिजेंस सिस्टम पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य है उपयोगकर्ता के इंटरनेट उपयोग को सुरक्षित बनाना। जब भी कोई ग्राहक किसी संदिग्ध वेबसाइट को खोलने का प्रयास करता है, जो कि एयरटेल की सुरक्षा प्रणाली द्वारा ब्लैकलिस्टेड है, तो वह वेबसाइट लोड नहीं होती और यूजर को एक चेतावनी पेज पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है।

ALSO READ  Government Completes 5G Spectrum Auction Process | Allocation will complete by 12th August 2022

DNS फ़िल्टरिंग और डोमेन स्कैनिंग

यह प्रणाली Domain Name System (DNS) क्वेरीज़ को इंटरसेप्ट और स्कैन करती है ताकि यह जांचा जा सके कि वेबसाइट किसी ज्ञात खतरनाक डोमेन लिस्ट में है या किसी सुरक्षा नीति का उल्लंघन कर रही है।

यदि लिंक सुरक्षित होता है, तो यूजर को बिना किसी बाधा के उस पर पहुंचा दिया जाता है, अन्यथा वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया जाता है।

किन प्लेटफ़ॉर्म्स पर काम करता है यह सिस्टम?

एयरटेल की यह तकनीक न केवल वेब ब्राउज़र्स तक सीमित है बल्कि ईमेल, SMS, और OTT एप्लिकेशन जैसे WhatsApp, Instagram, Facebook, Telegram और अन्य संचार प्लेटफार्म पर भी वास्तविक समय में सक्रिय रहती है।

यह प्रणाली सभी एयरटेल मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए स्वतः सक्रिय है और इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

हरियाणा से शुरुआत, जल्द होगा देशव्यापी विस्तार

फिलहाल यह प्रणाली हरियाणा सर्कल में शुरू की गई है और एयरटेल का कहना है कि आने वाले समय में इसका विस्तार पूरे भारत में किया जाएगा।

यह पहल इस दिशा में एक बड़ा कदम है जिससे डिजिटल भारत को सुरक्षित बनाने की दिशा में गति मिलेगी।

पहले से मौजूद AI आधारित स्पैम कॉल डिटेक्शन का विस्तार

एयरटेल इससे पहले भी अपने नेटवर्क पर AI आधारित स्पैम कॉल और स्पैम SMS डिटेक्शन सिस्टम लॉन्च कर चुका है। अब यह तकनीक 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है:

  • हिंदी,
  • मराठी,
  • पंजाबी,
  • गुजराती,
  • बंगाली,
  • तमिल,
  • तेलुगू,
  • कन्नड़,
  • मलयालम
  • उर्दू।

इन भाषाओं में यूजर्स को स्पैम कॉल्स और मैसेज के अलर्ट प्राप्त होते हैं।

ALSO READ  REPORT : Reliance Jio Gets Most Wireless Subscribers and Airtel Posts Best Proportion of VLR in October : TRAI

एयरटेल की तकनीकी प्रगति और ग्राहक सुरक्षा में प्रतिबद्धता

एयरटेल की यह पहल दर्शाती है कि कंपनी ग्राहक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इस आधुनिक तकनीक से न केवल ऑनलाइन ठगी रोकी जा सकेगी, बल्कि ग्राहकों को एक सुरक्षित डिजिटल अनुभव भी प्राप्त होगा।

चूंकि आजकल अधिकांश कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही किए जा रहे हैं, ऐसे में इस तरह की पहलें समय की मांग बन चुकी हैं।

उपयोगकर्ताओं के लिए सुझाव

  1. किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले चेतावनी संदेशों को गंभीरता से लें।
  2. यदि कोई वेबसाइट एयरटेल द्वारा ब्लॉक की गई है, तो उसे एक्सेस करने का प्रयास न करें।
  3. स्पैम कॉल्स या मैसेज मिलने पर रिपोर्ट ज़रूर करें।
  4. WhatsApp, Facebook, और Instagram पर किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें।

एयरटेल की नई फ्रॉड डिटेक्शन तकनीक एक अत्यंत आवश्यक और स्वागत योग्य कदम है। यह तकनीक भारतीय इंटरनेट यूज़र्स को एक सुरक्षित ब्राउज़िंग अनुभव देने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

जब देश में डिजिटल क्रांति अपने चरम पर है, तब ऐसी सुरक्षा प्रणालियां ही इस विकास को मजबूती प्रदान करेंगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Stay Connected

21,260FansLike
111FollowersFollow
2,940SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles