आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जैसे-जैसे हमारी डिजिटल निर्भरता बढ़ी है, वैसे-वैसे सुरक्षा जोखिम भी बढ़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए Google ने अपने Google Play Services के नवीनतम अपडेट (संस्करण 25.14) के तहत एक नया सुरक्षा फीचर पेश किया है, जो आपके Android स्मार्टफोन और टैबलेट को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह फीचर कहता है कि यदि आपका डिवाइस लगातार 72 घंटे (तीन दिन) तक लॉक रहता है और कोई भी इसे अनलॉक नहीं करता, तो वह अपने आप रीबूट हो जाएगा।
पहली नज़र में यह एक साधारण सी बात लग सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपी तकनीकी सोच और सुरक्षा पर ध्यान देने की नीति इसे बेहद खास बना देती है।
इस फीचर के पीछे की सोच: BFU स्टेट का कमाल
जब भी कोई एंड्रॉयड डिवाइस रीबूट होता है, वह Before First Unlock (BFU) नामक स्थिति में चला जाता है। इस स्टेट में डिवाइस का सारा डाटा पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड होता है और तब तक एक्सेस नहीं किया जा सकता जब तक यूज़र खुद पासवर्ड या पिन से उसे अनलॉक न करे।
सबसे खास बात यह है कि इस दौरान फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसे बायोमेट्रिक तरीके भी काम नहीं करते, जिससे सुरक्षा और भी पुख्ता हो जाती है।
यानी अगर किसी ने आपका डिवाइस चुरा लिया है या कहीं खो गया है, तो वह व्यक्ति डिवाइस को अनलॉक नहीं कर पाएगा, भले ही वह 3 दिन तक इंतजार कर ले।
Pixel डिवाइसेज़ के लिए खास: “Unlock for all features and data” नोटिफिकेशन
Google Pixel यूज़र्स इस फीचर को और स्पष्ट रूप से देख सकते हैं क्योंकि जब डिवाइस रीबूट होता है, तो लॉकस्क्रीन पर एक छोटा-सा मैसेज आता है: “Unlock for all features and data”। इसका अर्थ है कि जब तक आप डिवाइस को खुद अनलॉक नहीं करते, तब तक यह पूरी तरह कार्यशील नहीं होगा।
यह फीचर Apple के iOS 18.1 में पेश किए गए Inactivity Reboot फीचर की तरह है, जो inactivity की स्थिति में iPhone को रीबूट करता है।
कौन-कौन से डिवाइस होंगे शामिल?
यह फीचर फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड स्मार्टफोन और टैबलेट्स पर लागू होगा।
Wear OS डिवाइसेज़ (जैसे स्मार्टवॉच) और Android TV डिवाइसेज़ को इससे फिलहाल बाहर रखा गया है। भविष्य में इन प्लेटफॉर्म्स पर भी इस फीचर को लागू किया जा सकता है, लेकिन अभी यह केवल मोबाइल डिवाइसेज़ के लिए है।
क्या आपको कुछ करने की जरूरत है?
नहीं, यह फीचर Google Play Services के ज़रिए जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी OS अपडेट की आवश्यकता नहीं है।
और तो और, जिन डिवाइसेज़ का सपोर्ट भी खत्म हो चुका है, वहां भी यह फीचर पहुंच सकता है।
Play Services के ज़रिए आने वाले अपडेट्स साइलेंटली इंस्टॉल होते हैं और यूज़र इंटरवेंशन की जरूरत नहीं होती। यानी यह अपडेट खुद-ब-खुद पृष्ठभूमि में आ जाएगा और डिवाइस की सुरक्षा को बेहतर बना देगा।
क्या यह हर किसी के लिए फायदेमंद है?
हालांकि यह फीचर सुरक्षा की दृष्टि से बेहतरीन है, पर यह हर यूज़र के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। उदाहरण के लिए, यदि आप हमेशा-ऑन टैबलेट्स का इस्तेमाल करते हैं – जैसे किसी स्मार्ट डिस्प्ले या व्यापारिक कियोस्क – तो यह फीचर परेशानी पैदा कर सकता है।
इसी वजह से Google ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह फीचर विकल्प के तौर पर (Optional) रहेगा। आप चाहें तो इसे सेटिंग्स से ऑफ कर सकते हैं।
इस फीचर से क्या होंगे फायदे?
- चोरी या डिवाइस गुम होने की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित
- डिवाइस लंबे समय तक एक्सेस न होने पर डेटा रीएन्क्रिप्शन
- बायोमेट्रिक अनलॉक निष्क्रिय होने से बेहतर सुरक्षा
- बेहतर डाटा प्रोटेक्शन व गोपनीयता
- ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट की ज़रूरत नहीं



