भारत में AI क्रांति: MeitY ने लॉन्च किए AIKosha और Compute Portal | Details Inside

भारत सरकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने की मुहिम में एक नया और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IndiaAI मिशन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर कई महत्वपूर्ण AI पहल शुरू की हैं।

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI Compute Portal और AIKosha का उद्घाटन किया, जिससे भारत में AI इनोवेशन और शोध को गति मिलेगी।

ये दोनों प्लेटफॉर्म AI शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्यमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

AI Compute Portal: भारत में AI अनुसंधान को नई दिशा

AI Compute Portal भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी पहल है। इस पोर्टल के माध्यम से AI डेवलपर्स को किफायती दरों पर AI कंप्यूटिंग सुविधाएं, नेटवर्किंग, स्टोरेज और क्लाउड सेवाएं मिलेंगी।

इस प्लेटफार्म की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह 10,000 GPUs के साथ शुरू किया गया है, और भविष्य में 8,693 अतिरिक्त GPUs जोड़े जाएंगे।

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यह उन स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और संगठनों के लिए एक वरदान साबित होगा जो उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग संसाधनों की कमी के कारण अपने AI प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम नहीं कर पाते थे।

सरकार इसे सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

AIKosha: AI मॉडल्स और डेटा का विशाल भंडार

AIKosha एक ऑनलाइन रिपॉजिटरी है, जिसमें AI मॉडल्स, डेटा सेट और उपयोग के मामले (Use Cases) उपलब्ध होंगे। यह एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म है, जो एथिकली सोर्स किए गए डेटा सेट्स के साथ आता है।

इसमें एक सैंडबॉक्स एनवायरनमेंट भी दिया गया है, जिससे डेवलपर्स अपने AI मॉडल्स का परीक्षण कर सकते हैं। AIKosha में वर्तमान में 300 से अधिक डेटा सेट्स और 80 से अधिक AI मॉडल्स उपलब्ध हैं।

इस प्लेटफार्म का उद्देश्य शोधकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेटा और टूल्स प्रदान करना है ताकि वे AI से जुड़े इनोवेशन और नए प्रयोग कर सकें। यह कदम भारत को विदेशी डेटा पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

AI शिक्षा और क्षमता निर्माण के लिए नई योजनाएं

भारत सरकार ने AI शिक्षा को बढ़ावा देने और सरकारी अधिकारियों को AI से जोड़ने के लिए AI Competency Framework लॉन्च किया है।

इसके तहत सरकारी अधिकारियों को AI की समझ विकसित करने के लिए iGOT-AI प्लेटफार्म पेश किया गया है, जो व्यक्तिगत शिक्षा प्रणाली के रूप में कार्य करेगा। यह iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म के माध्यम से AI शिक्षा प्रदान करेगा।

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इसके अलावा, IndiaAI FutureSkills Fellowship कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य AI में रुचि रखने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

यह फेलोशिप स्नातक (Undergraduate), मास्टर्स (Masters) और पीएचडी (Ph.D) स्तर के छात्रों को दी जाएगी।

AI स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक अवसर

सरकार ने फ्रांस के स्टार्टअप इनक्यूबेटर Station F और बिजनेस स्कूल HEC Paris के सहयोग से भारतीय AI स्टार्टअप्स के लिए नई एक्सेलेरेशन प्रोग्राम की घोषणा की है।

यह चार महीने का कार्यक्रम होगा, जिसमें एक महीने की ऑनलाइन ट्रेनिंग और तीन महीने का ऑनसाइट मेंटरशिप कार्यक्रम पेरिस में होगा। इस पहल के तहत 10 भारतीय AI स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंचने, मेंटरशिप प्राप्त करने और नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे।

IndiaAI Data Labs: छोटे शहरों में AI प्रशिक्षण

AI शिक्षा को छोटे शहरों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार IndiaAI Data Labs स्थापित कर रही है। ये लैब्स भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में खोली जाएंगी, जहां डेटा साइंस और AI की बुनियादी शिक्षा दी जाएगी।

इसके अलावा, Data Annotator और Data Curator जैसे कोर्सेस भी शुरू किए जाएंगे, जो हेल्थकेयर, एजुकेशन, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में AI के उपयोग को बढ़ावा देंगे।

भारत का AI भविष्य: आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

भारत सरकार के इन नए AI प्लेटफार्म्स और पहलों का उद्देश्य भारत को AI में आत्मनिर्भर बनाना और डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाना है।

AI Compute Portal और AIKosha, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और AI उत्साहियों को वह संसाधन प्रदान करेंगे, जो अब तक महंगे और सीमित उपलब्धता के कारण उनके लिए चुनौती बने हुए थे।

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इन पहलों के माध्यम से भारत में AI नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना है। स्टार्टअप्स को सब्सिडी पर GPU उपलब्ध कराना, AI शिक्षा को बढ़ावा देना और वैश्विक अवसर प्रदान करना इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है।

यह न केवल AI डेवलपर्स और शोधकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि भारत को वैश्विक AI लीडर के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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