मिलावट के ज़हर से कैसे बचें? रोज़मर्रा की 10 चीज़ों की ऐसे करें पहचान — घर पर ही करें असली-नकली की जाँच | जानिए पूरी जानकारी | 2YoDo विशेष

हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री कितनी शुद्ध है? क्या हम जो मसाले, दूध, शहद, चाय, घी या कॉफी इस्तेमाल करते हैं, वे वास्तव में असली हैं? आज के समय में मिलावट एक ऐसी सच्चाई बन चुकी है जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे “जहर” की तरह नुकसान पहुंचाती है।

बाजार में बिक रहे कई खाद्य पदार्थों में रंग, कैमिकल, नकली बीज, चीनी घोल, सिंथेटिक पाउडर और स्टोन पाउडर तक मिलाए जाते हैं। यह सब न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

लेकिन अच्छी खबर यह है कि — कुछ आसान घरेलू टेस्ट की मदद से आप घर बैठे ही असली और नकली खाद्य पदार्थ की पहचान कर सकते हैं। नीचे दी गई 10 सामान्य चीज़ों की जांच आप बिना किसी लैब के खुद कर सकते हैं।

जीरा (Cumin Seeds) – रंग छोड़ दे तो समझें मिलावटी

असली जीरा कभी रंग नहीं छोड़ता।

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टेस्ट: थोड़ा जीरा हाथ में लेकर दोनों हथेलियों के बीच रगड़ें।

  • यदि हथेली पर रंग लग जाए, तो वह मिलावटी जीरा है।
  • असली जीरा अपनी प्राकृतिक खुशबू देता है लेकिन रंग नहीं छोड़ता।

हींग (Hing) – दूधिया घोल ही असली पहचान

हींग एक महंगा मसाला है, इसलिए इसमें मिलावट बहुत आसानी से की जाती है।

टेस्ट:

  • हींग को पानी में घोलें।
  • यदि घोल दूधिया सफेद रंग का हो जाए, तो यह शुद्ध हींग है।
  • असली हींग जीभ पर रखते ही हल्की कड़वाहट और चरपराहट देती है।

नकली हींग अक्सर स्टार्च या मैदा से बनी होती है।

लाल मिर्च पाउडर (Red Chilli Powder) – रंग पानी में घुल गया तो नकली

लाल मिर्च में मिलावट सबसे अधिक होती है। आरी की धूल, ईंट पाउडर, सिंथेटिक रंग आदि मिलाए जाते हैं।

टेस्ट:

  • मिर्च पाउडर को पानी में डालें।
  • यदि पानी का रंग लाल हो जाए और ऊपर बुरादा तैरे, तो वह मिलावटी है।
  • असली मिर्च पानी में एक समान फैलती है और रंग नहीं छोड़ती।

सौंफ और धनिया (Fennel & Coriander) – हरी पॉलिश से रहें सावधान

आजकल मार्केट में हरे रंग से रंगी हुई नकली सौंफ और धनिया मिलते हैं।

टेस्ट:

  • धनिए में कुछ बूंदें आयोडीन मिलाएं।
  • यदि रंग काला हो जाए, तो यह नकली है।

नकली पॉलिश से बना यह मसाला सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

काली मिर्च (Black Pepper) – अगर दाने तैरें तो समझें फर्जी

कई बार काली मिर्च में पपीते के बीज मिला दिए जाते हैं, क्योंकि वह आकार में बिल्कुल समान लगते हैं।

टेस्ट:

  • एक गिलास पानी में काली मिर्च डालें।
  • यदि कुछ दाने तैरने लगें, तो समझें कि वे पपीते के बीज हैं।
    असली काली मिर्च भारी होती है और पानी में डूब जाती है।
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शहद (Honey) – तल पर बैठ जाए तो असली

बाजार में बिकने वाला शहद ज्यादातर चीनी सिरप या ग्लूकोज़ से बना होता है।

टेस्ट:

  • एक ग्लास पानी में शहद की बूंद डालें।
  • असली शहद सीधे तल पर बैठ जाता है
  • नकली शहद पानी में घुल जाता है क्योंकि वह चीनी से बना होता है।

देसी घी (Ghee) – लाल रंग आ गया तो मिलावटी

देसी घी में अक्सर डालडा, वनस्पति या तेल मिलाया जाता है।

टेस्ट: एक कटोरी में—

  • 2 चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड
  • 2 चम्मच चीनी
  • 1 चम्मच घी मिलाएं

यदि मिश्रण लाल रंग में बदल जाए तो घी में मिलावट है।

दूध (Milk) – उंगली में चिपक जाए तो शुद्ध

दूध में पानी, डिटर्जेंट, मिल्क पाउडर और यूरिया तक मिलाया जाता है।

टेस्ट:

  • उंगली दूध में डुबोकर बाहर निकालें।
  • यदि उंगली पर दूध चिपक जाए, तो दूध शुद्ध है।
  • यदि न चिपके, तो उसमें पानी या अन्य मिलावट है।

चाय की पत्ती (Tea) – कागज रंगा तो पत्ती नकली

बहुत से व्यापारी चाय की पत्ती में सिंथेटिक रंग मिलाकर उसे काला दिखा देते हैं।

टेस्ट:

  • सफेद कागज को हल्का गीला करें।
  • उस पर चाय के दाने रखें।
  • यदि कागज रंगीन हो जाए, तो चाय नकली है।

असली चाय बगैर गर्म पानी रंग नहीं छोड़ती।

कॉफी (Coffee) – तली में चिपक जाए तो नकली

कॉफी में चिकोरी या सस्ता पाउडर मिलाया जाता है।

टेस्ट:

  • कॉफी को पानी में घोलें।
  • शुद्ध कॉफी आसानी से घुल जाती है।
  • यदि मिश्रण तली में चिपक जाए, तो वह नकली है।

मिलावटी खाद्य पदार्थ हमारी सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाते हैं—

  • पाचन खराब
  • शरीर में टॉक्सिन जमा
  • एलर्जी
  • पेट संबंधी रोग
  • हार्मोनल असंतुलन
  • लंबी अवधि में बड़े रोग
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इसलिए जरूरी है कि हम खरीदते और इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। ऊपर बताए गए घरेलू परीक्षण सरल और अत्यंत प्रभावी हैं। यदि हम इन्हें रोजमर्रा की आदत बना लें, तो हम मिलावट के ज़हर से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

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