विनायक चतुर्थी 2025: भगवान गणेश की कृपा से सिद्धि, सौभाग्य और समृद्धि पाने का दिव्य अवसर | जानिए पूरी जानकारी | 2YoDo विशेष

विनायक चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है और भगवान गणेश के विनायक स्वरूप को समर्पित होता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर गणपति बप्पा की विशेष पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत एवं पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएँ समाप्त होती हैं और कार्यों में सिद्धि मिलती है।

विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 28 जून 2025 को सुबह 09:53 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 जून 2025 को सुबह 09:14 बजे
  • व्रत एवं पूजन की मान्य तिथि: 28 जून 2025 (शनिवार)
  • विशेष योग:
    • हर्षण योग: शाम 07:15 बजे तक
    • रवि योग: सुबह 06:35 से 29 जून को सुबह 05:26 तक

इन योगों में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान गणेश की आराधना से आरोग्य, ऐश्वर्य और विजय प्राप्त होती है।

विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व

विनायक चतुर्थी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गणेश भक्ति की महाशक्ति है। मान्यता है कि इस दिन जो भी श्रद्धा से व्रत करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और उसका जीवन सिद्धियों से भरपूर हो जाता है।

  • भगवान गणेश को संकटहर्ता और विघ्नविनाशक कहा गया है।
  • विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन में आने वाली हर बाधा दूर होती है।
  • यह दिन धन, स्वास्थ्य और ज्ञान के लिए शुभ माना जाता है।
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पूजा विधि: कैसे करें विनायक चतुर्थी का पूजन?

सुबह की तैयारी

  1. ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  2. पूजा स्थल को साफ कर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. गंगाजल से शुद्धिकरण करें।

पूजन सामग्री

  • रोली, मौली, धूप, दीप, चंदन, लाल पुष्प
  • दूर्वा (21 गांठ), मोदक (गणेश जी का प्रिय भोग)
  • फल, नारियल, पान पत्ता, सुपारी, मिठाई

पूजन क्रम

  1. गणेश मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नम:’ का जाप करें (108 बार)।
  2. ॐ सिद्धिविनायकाय नम:’ मंत्र से अभिषेक करें।
  3. भगवान गणेश की आरती करें और कथा पढ़ें।
  4. दिनभर फलाहार करें और शाम को दोबारा पूजा करें।
  5. अगले दिन व्रत का पारण करें।

विनायक चतुर्थी व्रत के लाभ

  • कार्यों में सफलता और विघ्नों का नाश
  • संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है
  • आर्थिक संकटों से छुटकारा मिलता है
  • वैवाहिक जीवन में सुख और सौभाग्य आता है
  • शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ

ज्योतिषीय दृष्टि से विनायक चतुर्थी

2025 की विनायक चतुर्थी पर बन रहे हैं दो विशेष योग:

  • हर्षण योग: मानसिक बल और उत्साह बढ़ाता है।
  • रवि योग: सभी शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ।

इन योगों में पूजन से साधक को दीर्घायु, बुद्धि, प्रतिष्ठा और विजय का वरदान प्राप्त होता है।

विनायक चतुर्थी से जुड़े रोचक तथ्य

  • गणेश जी का जन्म भी चतुर्थी तिथि को हुआ था।
  • भगवान शिव द्वारा गणेश जी का सिर काटने और हाथी का सिर लगाने की कथा प्रसिद्ध है।
  • यह तिथि ‘सिद्धि विनायक’ के रूप में पूजनीय है।
  • महाराष्ट्र, उत्तर भारत, गुजरात, और नेपाल में यह तिथि विशेष उल्लास से मनाई जाती है।
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