इक्वाडोर में पुरातत्वविदों को लगभग 1,200 साल पुरानी एक गर्भवती महिला के अवशेष मिले हैं, जिनकी मृत्यु रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह महिला बलि चढ़ाई गई हो सकती है, क्योंकि उसकी कब्र में अन्य मानव अवशेष, जलाए गए सामान और मूल्यवान कलाकृतियां भी पाई गई हैं।
यह खोज Buen Suceso साइट पर की गई, जहां मिले अवशेषों और दफनाने के तरीके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वह महिला समाज में कोई विशेष भूमिका निभाती थी और क्या उसकी मृत्यु किसी अनुष्ठानिक बलि का हिस्सा थी।
अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष
Latin American Antiquity पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, यह महिला 17 से 20 वर्ष की उम्र में थी और गर्भावस्था के अंतिम चरण में थी। उसकी खोपड़ी पर गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि सिर पर प्रहार से उसकी मृत्यु हुई होगी। इसके अलावा, उसके हाथ और बाईं टांग को मृत्यु के बाद अलग कर दिया गया था।
रेडियोकार्बन डेटिंग से यह पता चला है कि उसकी मृत्यु 771 से 953 ईस्वी के बीच हुई थी। University of North Carolina at Charlotte की जैव-पुरातत्वविद् सारा जुएंगस्ट (Sara Juengst) ने Live Science को बताया कि उसकी कब्र में मिली Spondylus मोलस्क के आभूषण और ओब्सीडियन ब्लेड यह दर्शाते हैं कि वह समाज में उच्च स्थान रखती थी।
मिले अवशेषों और अनुष्ठानिक प्रतीकों की व्याख्या
इस महिला की कब्र में जो वस्तुएं पाई गईं, वे किसी अनुष्ठान से जुड़े होने का संकेत देती हैं। Spondylus शंख अक्सर उर्वरता और जल से जुड़े होते थे, और उसके पेट पर एक केकड़े का पंजा रखा गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह किसी विशेष अनुष्ठान या बलिदान का संकेत हो सकता है। साथ ही, कब्र में जले हुए अवशेष भी मिले, जिन्हें 991 से 1025 ईस्वी के बीच का माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि इस महिला की मृत्यु के सैकड़ों साल बाद भी उसकी कब्र को अनुष्ठानिक रूप से पुनः खोला गया था।
जुएंगस्ट का मानना है कि इस बलि का संबंध ‘एल नीनो’ जैसी पर्यावरणीय घटनाओं से हो सकता है, जो कृषि को प्रभावित करती थीं और जिसके चलते समाज में बलिदान जैसी परंपराएं अपनाई जाती थीं।
महिला की मृत्यु और सामाजिक संदर्भ
यह खोज इस सवाल को उठाती है कि क्या मंतेनो (Manteño) समाज में महिलाओं की कोई राजनीतिक या धार्मिक भूमिका थी।
जुएंगस्ट का मानना है कि इस महिला की गर्भावस्था उसे विशेष शक्ति प्रदान कर रही थी, और शायद इसी कारण वह बलि के लिए चुनी गई।
हालांकि, University of Illinois Chicago के जैव-पुरातत्वविद् बेंजामिन शेफर (Benjamin Schaefer) का कहना है कि इस खोज की व्याख्या में सावधानी बरतनी चाहिए, और आगे के अध्ययन से अधिक सटीक जानकारी प्राप्त हो सकती है।