UP News : मुख्यमंत्री ने जनपद भदोही में 04 दिवसीय 45वें अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला का शुभारम्भ किया

  • कारपेट बेल्ट में निर्मित कालीनों की विशिष्ट पहचान के लिए ब्राण्ड कालीन का लोकार्पण किया
  • अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला प्रधानमंत्री जी के मेक इन इण्डिया कार्यक्रम को वैश्विक मंच प्रदान करने तथा वोकल फाॅर लोकल व लोकल फाॅर ग्लोबल के विजन को नई ऊँचाई प्रदान करने का अभियान: मुख्यमंत्री
  • एक्स्पो में 68 देशों के लगभग 450 से अधिक विदेशी बायर्स आये प्रदेश के पोटेंशियल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का यह दूसरा अवसर, विगत 21 से 25 सितम्बर, 2023 के बीच ग्रेटर नोएडा में यू0पी0 इण्टरनेशनल ट्रेड शो का राष्ट्रपति जी ने उद्घाटन किया, यह प्रदेश के सामथ्र्य और क्षमता को प्रदर्शित करने का माध्यम बना
  • देश में कालीन उद्योग द्वारा 17 हजार करोड़ रु0 का निर्यात, इसमें 60 प्रतिशत निर्यात भदोही, मीरजापुर और वाराणसी जनपदों के कारीगरों द्वारा निर्मित कालीन का नये संसद भवन में भदोही के कारीगरों द्वारा निर्मित कारपेट लगाये गये, जनपद भदोही को उत्कृष्ट निर्यात के लिए ‘टाउन्स आॅफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस’ अवार्ड प्राप्त हुआ
  • ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना तथा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ योजना ने प्रदेश के निर्यात को ढाई गुना बढ़ाने में सहायता की
  • प्रधानमंत्री जी प्रदेश के उद्यमियों द्वारा बनाए गए परम्परागत उत्पाद को दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों को भेंट कर यहां के हस्तशिल्पियों के सम्मान को बढ़ाने का कार्य करते
  • भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गयी ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ योजना
  • परम्परागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए नया प्लेटफार्म
  • प्रदेश के 54 उत्पादों को जी0आई0 टैग प्रदान किया गया, समय के अनुरूप तकनीक को अपनाने और अन्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि प्रदेश के परम्परागत उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हो रही
  • मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित संसद भवन की साज-सज्जा में योगदान देने वाली सुश्री माधुरी देवी एवं लगभग 400 महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने वाली सुश्री महजबीन को सम्मानित किया
  • ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के लाभार्थियों को टूल किट व ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ मार्जिन मनी योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि 45वें अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला का आयोजन भदोही में होना उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मेक इन इण्डिया कार्यक्रम को वैश्विक मंच प्रदान करने तथा वोकल फाॅर लोकल व लोकल फाॅर ग्लोबल के विजन को नई ऊँचाई प्रदान करने का अभियान है। भदोही का हस्त निर्मित कालीन वैश्विक बाजार की मांग को पूर्ण करता है। जिस जनपद भदोही में आज से कुछ वर्ष पूर्व लोगों में भय और आतंक का माहौल था। आज यहां कारपेट एक्स्पो मार्ट में 45वां अन्तरराष्ट्रीय इण्डिया कारपेट एक्स्पो आयोजित हो रहा है।

मुख्यमंत्री जी आज यहां जनपद भदोही के कारपेट एक्स्पो मार्ट में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सी0ई0पी0सी0) एवं भदोही जिला प्रशासन द्वारा 08 से 11 अक्टूबर, 2023 तक आयोजित 04 दिवसीय 45वें अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला का शुभारम्भ करने के उपरान्त इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कारपेट बेल्ट में निर्मित कालीनों की विशिष्ट पहचान के लिए ब्राण्ड कालीन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में कालीन उद्योग के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

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मुख्यमंत्री जी ने थीम पैवेलियन और एक्स्पो मार्ट स्टाॅल का अवलोकन करते हुए कालीन की विविध वैरायटी, विशेषता, निर्माण पद्धति, अन्तरराष्ट्रीय मांग व पूर्ति सम्बन्धी तथा हैण्डलूम पर कताई, बुनाई कर रही महिला बुनकर से बुनावट के ताने-बाने के संयोजन की जानकारी प्राप्त की। उन्हांेने जेल में निरुद्ध कुशल बन्दी द्वारा तैयार की गयी कालीनों की सराहना की। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना के अन्तर्गत 10 दिवसीय प्रशिक्षण व टूलकिट वितरण के साथ ही कारागार में 04 टफ्टेड व 11 नोटेल लूम की स्थापना की गयी है। कालीन विक्रय के उपरान्त प्राप्त लाभ से बन्दियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के जनपद भदोही, मिर्जापुर व वाराणसी को कारपेट और वस्त्र उद्योग के हब के रूप में जाना जाता है। यहां सम्भावनाएं पहले भी थीं, क्योंकि हस्तशिल्पियों और कारीगरों में हुनर की कमी नहीं थी। लेकिन हुनर को समय के अनुरूप तकनीक व प्लेटफाॅर्म उपलब्ध नहीं हो पाया था। हुनर को जैसे ही प्लेटफाॅर्म मिला और उसे तकनीक व डिजाइन के साथ जोड़ा गया, आज वही हस्तशिल्पी व कारीगर वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमाता हुआ दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या मंे आये हुए बायर्स इसका उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस एक्स्पो में 68 देशों के लगभग 450 से अधिक विदेशी बायर्स आये हैं, इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, बेल्जियम, ब्राजील, ईजिप्ट, जर्मनी तथा इटली के बायर्स सम्मिलित हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि एक महीने में ही एम0एस0एम0ई0 और वस्त्र उद्योग विभाग के माध्यम से प्रदेश के पोटेंशियल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का यह दूसरा अवसर है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के परम्परागत उत्पादों व नवाचारों को डिस्प्ले करने के साथ-साथ निर्यात का मंच प्राप्त हो, इसके लिए विगत 21 से 25 सितम्बर, 2023 के बीच ग्रेटर नोएडा में इण्टरनेशनल एक्स्पो मार्ट में प्रदेश ने यू0पी0 इण्टरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया था। 21 सितम्बर 2023 को देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी ने इण्टरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन किया था। इस ट्रेड शो में देश और विदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 05 लाख खरीदार आए थे। यह अब तक का सफलतम आयोजन था। यह प्रदेश के सामथ्र्य और क्षमता को प्रदर्शित करने का माध्यम बना है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें अपने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को आगे बढ़ाना होगा। यह प्रदेश की बहुत बड़ी ताकत हैं। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में परम्परागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना शुरू की थी। प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों को अच्छी ट्रेनिंग, उन्नत किस्म के टूल्स उपलब्ध कराने के लिए ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ योजना प्रारम्भ की गई। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना व ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ योजना ने प्रदेश के निर्यात को मात्र चार वर्षों में ढाई गुना बढ़ाने में सहायता की। यह प्रदेश की नई पोटेंशियल है।

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मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी दुनिया के किसी भी देश में जाते हैं, तो प्रदेश के उद्यमियों द्वारा बनाए गए परम्परागत उत्पाद को वहां के राष्ट्राध्यक्षों को भेंट स्वरूप प्रदान कर यहां के हस्तशिल्पियों के सम्मान को बढ़ाने का कार्य करते हैं। पहले देश व प्रदेश के पर्व और त्योहारों में चीन निर्मित उत्पादों की भरमार रहती थी। पिछले 06 वर्षों में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना लागू होने के पश्चात चीन निर्मित सामान नहीं, बल्कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को उपहार स्वरूप भेंट किया जाता है। लोग बहुत गर्व के साथ अपने घरों में इनको सजाते हैं। इन उत्पादों में देश और प्रदेश की आत्मीयता समाहित होती है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश के नये संसद भवन का उद्घाटन किया। वहां लगाये गये कारपेट भदोही के कारीगरों द्वारा निर्मित है। प्रधानमंत्री जी ने अपने उद्बोधन में भी इस बात का उल्लेख किया कि नये संसद भवन में लगी हुई कालीन उत्तर प्रदेश के भदोही के कारीगरों ने निर्मित की है। इससे भदोही के हस्तशिल्पियों को मान्यता प्राप्त हुई। यह प्रदेश के लिए गौरव का क्षण था।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हाल ही में देश में जी-20 समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें दुनिया के लगभग 40 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने सहभागिता की थी। भारत के परम्परागत उत्पाद सभी राष्ट्राध्यक्षों को उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। इस समिट में बिछाई गई कालीन भी उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित थी। ये चीजें दिखाती हैं की हस्तशिल्पियों और कारीगरों के मन में कार्य करने का जज्बा है, इसे और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इसी प्रोत्साहन के लिए हम सभी यहां उपस्थित हुए हैं।

मुख्यमंत्री जी ने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बोलने में कम और करने में ज्यादा विश्वास रखती है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों और कारीगरों को अच्छी डिजाइन के साथ जोड़ने, अच्छी तकनीक उपलब्ध कराने, हस्त निर्मित उत्पादों को अच्छा प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराने के लिए भरपूर सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 20 लाख बुनकर हैं। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा जनपद भदोही के 1,550 कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। ओ0डी0ओ0पी0 मार्जिन मनी योजना से 286 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। बैंकर्स के साथ बैठकर उन्हें सस्ते में लोन उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की गई है। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ और ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार’ योजना के माध्यम से इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया।

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प्रदेश सरकार के स्तर पर जनपद भदोही के उत्पादों का निर्यात करने के लिए लगातार सहयोग प्रदान किया जा रहा है। देश में कालीन उद्योग द्वारा 17 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जाता है। इसमें 60 प्रतिशत निर्यात उत्तर प्रदेश के तीन जनपदों, भदोही, मीरजापुर और वाराणसी के कारीगरों द्वारा निर्मित कालीन का होता है। अपने उत्कृष्ट निर्यात के लिए जनपद भदोही को ‘टाउन्स आॅफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस’ अवार्ड प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना और ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ जैसी योजनाएं चल रही हैं। भारत सरकार ने भी 17 सितम्बर, 2023 को ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ योजना प्रारम्भ की है। यह योजना परम्परागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए नया प्लेटफार्म है। प्रदेश के 54 उत्पादों को जी0आई0 टैग प्रदान किया गया है। समय के अनुरूप तकनीक को अपनाने और अन्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि प्रदेश के परम्परागत उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री जी ने भदोही कालीन निर्माण के सभी हितधारकों को राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा ‘जीरो डिफेक्ट व जीरो इफेक्ट’ का दूरदर्शी लक्ष्य हम सबके सामने प्रस्तुत किया गया है। हमारा भारतीय कालीन उद्योग इसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान देगा। उन्होंने 04 दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कालीन मेला के आयोजन द्वारा अपने लक्ष्य को प्राप्त किये जाने के प्रति शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कारपेट एक्स्पो मार्ट के बेहतरीन उपयोग का प्रयास होना चाहिए। यहां अलग-अलग समय पर विभिन्न प्रकार के आयोजन होने चाहिए। राज्य सरकार अपने हस्तशिल्पियों, कारीगरों व निर्यातकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।  

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने नवनिर्मित संसद भवन की साज-सज्जा में योगदान देने वाली सुश्री माधुरी देवी एवं लगभग 400 महिलाओं को कुशल हस्तशिल्प रोजगार की प्रेरणा प्रदान कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने वाली श्रीमती महजबीन को सम्मानित किया। उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के लाभार्थियों को टूल किट व ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ मार्जिन मनी योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये।

इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री राकेश सचान, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री अमित मोहन प्रसाद व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, देश-विदेश के उद्यमी, एक्सपोर्टर्स, बायर्स व बुनकर उपस्थित थे।

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